Vikramshila Setu: भागलपुर को उत्तर बिहार और सीमांचल से जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु एक सितंबर से तीन महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. 31 अगस्त की रात से पुल पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी. इस दौरान सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी कंक्रीट स्लैब का निर्माण होगा. सरकार ने 30 नवंबर तक निर्माण पूरा कर फिर से परिचालन शुरू करने का लक्ष्य तय किया है.
15 नहीं, अब 31 अगस्त की रात से बंद होगा पुल
पहले पुल को 15 सितंबर से बंद करने की तैयारी थी, लेकिन अब योजना में बदलाव किया गया है. बेली ब्रिज हटाकर स्थायी स्लैब बनाने के लिए पुल को पूरी तरह खाली रखना जरूरी है. भारी मशीनों, क्रेन और कंक्रीटिंग के कारण किसी भी वाहन का परिचालन संभव नहीं होगा. इसी वजह से 31 अगस्त की रात से ही पुल बंद कर दिया जाएगा.
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Vikramshila Setu: तीन मई को टूटा था 34 मीटर लंबा स्लैब
तीन मई की रात पिलर संख्या चार और पांच के बीच का करीब 34 मीटर लंबा स्लैब गंगा में गिर गया था. इसके बाद भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और सीमांचल क्षेत्र का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया था. बाद में बेली ब्रिज बनाकर अस्थायी रूप से यातायात बहाल किया गया, लेकिन तब से रोज जाम की समस्या बनी हुई है.
सीमांचल और कोसी के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
विक्रमशिला सेतु बंद रहने से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया, सहरसा, सुपौल और अररिया आने-जाने वाले हजारों लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा. इसका असर माल ढुलाई, कृषि उपज के परिवहन, व्यापार, इलाज और शिक्षा के लिए आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ेगा.
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रूट डायवर्जन और फेरी सेवा की तैयारी
पुल बंद होने से पहले जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और पटना मुख्यालय के अधिकारी वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था तैयार कर रहे हैं. रूट डायवर्जन के साथ जरूरत पड़ने पर फेरी सेवा भी चलाई जाएगी. पुल बंद होने से पहले इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी.
30 नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य
पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा है कि बेली ब्रिज केवल अस्थायी व्यवस्था थी. अब क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थायी निर्माण कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य 30 नवंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर पुल पर सामान्य परिचालन बहाल करना है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
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