Patna Flood: पटना जिले में गंगा और पुनपुन नदी का बढ़ा जलस्तर अब सीधे गांवों, स्कूलों, रेलवे और बाजारों पर असर डाल रहा है. पुनपुन में 15 फीट जमींदारी बांध टूटने से 700 घरों तक पानी पहुंच गया है, जबकि नौबतपुर के 27 गांव बाढ़ से घिरे हैं. हालात ऐसे हैं कि 48 सरकारी स्कूल बंद करने पड़े और रेलवे ने डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है.
बाढ़ का सबसे बड़ा असर शिक्षा और आवागमन पर
पुनपुन प्रखंड में पानी फैलने के बाद 48 सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. बरावां, लखना पूर्वी, लखना उत्तरी-पश्चिमी, लखनपार पंचायत और नगर पंचायत क्षेत्र के कई स्कूल जलभराव की चपेट में हैं.
22 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पानी घुसने के कारण उन्हें ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, ताकि बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण व स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें.
पुनपुन में बांध टूटा, बाजार और 700 घरों तक पहुंचा पानी
पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर पहुंचने के बाद पैमार पंचायत के बड़हियाकोल के पास लगभग 15 फीट जमींदारी बांध टूट गया. इसके बाद पानी तेजी से गांवों और खेतों में फैल गया.
पुनपुन घाट के पास तीन स्थानों पर नदी का पानी ओवरफ्लो कर रहा है. मुख्य बाजार की गली, लक्ष्मण झूला, पकड़ी और मस्जिद के आसपास तक पानी पहुंच चुका है. पुनपुन बाजार और शिवनगर के करीब 700 घर जलमग्न होने की सूचना है.
नौबतपुर के 27 गांव बाढ़ से घिरे
नौबतपुर प्रखंड की करंजा, खजुरी-सावरचक, बारा और देवरा पंचायत के करीब 27 गांव प्रभावित हैं. बखोरदारचक, पनहारा, करदाहां, मितनचक, खैरा और सलारपुर जैसे गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है.
ग्रामीण संपर्क मार्ग डूबने से कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. देवरा और बारा पंचायत में हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूबने से किसानों के सामने भारी नुकसान की आशंका है. पशुपालकों को चारे और सुरक्षित ठिकाने की समस्या भी झेलनी पड़ रही है.
खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर बह रही पुनपुन नदी
श्रीपालपुर के पास सोमवार शाम चार बजे पुनपुन नदी का जलस्तर 53.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर है. यानी नदी 2.95 मीटर ऊपर बह रही है.
भागलपुर में खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची गंगा, बढ़ा बाढ़ का खतरा
रविवार की तुलना में 24 घंटे में जलस्तर 9 सेंटीमीटर बढ़ा, हालांकि सोमवार दोपहर के बाद स्थिति स्थिर बताई गई.
रेलवे पर भी पड़ा असर, डाउन लाइन बंद
बाढ़ का पानी रेलवे पुल के पिलरों और गार्डर तक पहुंचने के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने पुल पर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है.
सुरक्षा कारणों से डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है और ट्रेनों को अप लाइन से चलाया जा रहा है. इसके चलते 10 पैसेंजर ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि 10 एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है.
राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और प्रशासन की निगरानी
पटना के डीएम कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने पुनपुन के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की. अधिकारियों ने सामुदायिक रसोई, पुनपुन घाट और श्रीपालपुर में जलस्तर की स्थिति का निरीक्षण किया.
प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट बांटी जा रही है और चार सामुदायिक रसोई के जरिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
उधर दानापुर के बलदेव स्कूल परिसर में चल रहे राहत शिविर का मंत्री रामकृपाल यादव ने निरीक्षण किया. बाढ़ पीड़ितों ने दियारा क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी की शिकायत की, जिस पर दियारा अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. सामुदायिक किचन में भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई.
बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग तेज
भाकपा माले के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पुनपुन प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर इलाके को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग उठाई. पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने प्रभावित परिवारों को 10 हजार रुपये नकद सहायता, राशन, तिरपाल, दवा और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की.
इसे भी पढ़ें-


