Iran Protest : ईरान ने 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के मौके पर तेहरान में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया. 4 नवंबर 2026 को एंगेलाब स्क्वायर पर आयोजित रैली में हजारों सरकार समर्थक लोग शामिल हुए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरों वाले विशाल बैनर को आग के हवाले कर दिया. बैनर में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की तस्वीर भी थी.
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#WATCH | Tehran, Iran: People burn the banner of US President Donald Trump, Vice President JD Vance and Israeli PM Benjamin Netanyahu, following the Republican Party’s losses in the US midterm elections.(Source: Reuters) https://t.co/talNHm1vnh
— ANI (@ANI) November 5, 2026
अमेरिकी चुनाव के नतीजों के बीच तेहरान में प्रदर्शन
तेहरान में आयोजित रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के झंडे भी जलाए और दोनों देशों के खिलाफ नारे लगाए. यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बढ़त हासिल की है. इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

गालिबाफ ने चुनावी नतीजों को युद्ध विरोधी संदेश बताया
अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर ईरान के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी. ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने युद्ध के खिलाफ संदेश दिया है.
हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता ने चुनावी नतीजों से अमेरिका की ईरान नीति में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई. उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनाव के परिणाम बदलने से ईरान के प्रति अमेरिकी नीति में बड़े बदलाव की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए.
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1979 की घटना की बरसी पर जुटे हजारों लोग
एंगेलाब स्क्वायर पर आयोजित यह रैली 1979 में अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के अवसर पर हुई. इसमें हजारों सरकार समर्थक लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी के साथ दोनों देशों के झंडे भी जलाए गए.
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