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Ayodhya Deepotsav : 30 लाख दीपों से जगमगाई अयोध्या, उपराष्ट्रपति और CM योगी ने की रामलला की आरती

Ayodhya Deepotsav 2026 : अयोध्या के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित होने से रामनगरी रोशनी से नहा उठी. 2100 ड्रोन से आसमान में रामायण के प्रसंग दिखाए गए और 220 टन बालू से विशाल राम दरबार बनाया गया. समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम की आरती की.

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Ayodhya Deepotsav 2026 : अयोध्या के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित होने से रामनगरी रोशनी से नहा उठी. 2100 ड्रोन से आसमान में रामायण के प्रसंग दिखाए गए और 220 टन बालू से विशाल राम दरबार बनाया गया. समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम की आरती की.

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Ayodhya Deepotsav 2026 : 30 लाख से अधिक दीपों की रोशनी और 2100 स्वदेशी ड्रोन से आसमान में उकेरी गई रामायण की तस्वीरों ने अयोध्या को भव्य दीपोत्सव का साक्षी बना दिया. सरयू नदी के 56 घाटों पर दीप प्रज्वलित होते ही पूरी रामनगरी जगमगा उठी. दीपोत्सव 2026 में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम की आरती उतारी. रामकथा पार्क में त्रेतायुग की झलक प्रस्तुत की गई, जहां 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने और उनके राज्याभिषेक का प्रतीकात्मक आयोजन हुआ.

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समारोह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. जय श्रीराम के उद्घोष से रामकथा पार्क से लेकर रामपथ तक का माहौल भक्तिमय बना रहा. लेजर शो, ड्रोन शो, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियों ने दीपोत्सव की भव्यता बढ़ाई.

रामकथा पार्क में त्रेतायुग की झलक, रामलला की हुई आरती

दीपोत्सव समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रामकथा पार्क के मंच पर पहुंचे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति को अंगवस्त्र और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया. इसके बाद विशिष्ट अतिथियों ने भगवान राम के स्वरूप का तिलक किया और आरती उतारी.

रामकथा पार्क में 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का प्रसंग मंच पर प्रस्तुत किया गया. इसके बाद प्रतीकात्मक राज्याभिषेक और आरती का आयोजन हुआ. जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भी जय श्रीराम के जयकारे लगाए.

हेलीकॉप्टर से पुष्पक विमान के प्रतीक स्वरूप पहुंचे प्रभु श्रीराम

दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का दृश्य रहा. शनिवार शाम सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों के साथ भगवान राम पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से पहुंचे. रामकथा पार्क के नजदीक बने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया.

इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश सरकार के कई अन्य मंत्री भी समारोह में शामिल हुए. जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और सूर्यप्रताप शाही भी उपस्थित रहे. हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई.

2100 ड्रोन से आसमान में दिखे रामायण के प्रसंग

दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक का भी शानदार प्रदर्शन हुआ. अयोध्या के आसमान में 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों का चित्रण किया गया. ड्रोन शो देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ जुटी रही.

रामकथा पार्क के पास 220 टन बालू से विशाल राम दरबार की प्रतिकृति तैयार की गई थी. यह भी समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही. इसके साथ ही लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भव्य बना दिया.

56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीपों से रोशन हुई रामनगरी

दीपोत्सव के लिए सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप सजाए गए थे. राम की पैड़ी सहित सभी निर्धारित घाटों पर दीप प्रज्वलन की तैयारियां की गईं. शुक्रवार शाम तक स्वयंसेवकों ने निर्धारित स्थानों पर दीपों को व्यवस्थित तरीके से बिछा दिया था. उनमें बाती और तेल डालने का काम भी शनिवार शाम तक लगभग पूरा हो गया था.

दीप प्रज्वलित होने के बाद सरयू के घाटों से लेकर पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगा उठी. हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने भी समारोह के आकर्षण को बढ़ाया.

151 साल पुरानी रामलीला का पहली बार दीपोत्सव में मंचन

इस बार दीपोत्सव में 151 वर्ष पुरानी साहबगंज रामलीला का पहली बार मंचन किया गया. इसके अलावा रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित 21 भव्य झांकियां निकाली गईं. इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक प्रस्तुत की गई.

रामपथ पर कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. साकेत महाविद्यालय से निकली झांकी में रावण और जटायु के बीच युद्ध का दृश्य दिखाया गया. वहीं, रामकथा पार्क में वानर सेना के कलाकारों ने जय श्रीराम के उद्घोष से माहौल को भक्तिमय बना दिया.

ड्रोन, लेजर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा दीपोत्सव

दीपोत्सव 2026 में धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला. 30 लाख से अधिक दीपों की रोशनी, 2100 ड्रोन का शो, 220 टन बालू से बना राम दरबार और 21 झांकियों ने आयोजन को खास बनाया. वहीं, रामायण के प्रसंगों पर आधारित मंचन और 151 साल पुरानी रामलीला की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की.

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Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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