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Bihar Encounter News : उत्तर प्रदेश के चंदौली में लगातार तीन हत्याओं से दहशत फैलाने वाले आरोपी गुरप्रीत सिंह का पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया. पुलिस के अनुसार आरोपी ने महज 26 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग लोगों की गोली मारकर हत्या की थी. इनमें बिहार के गया का एक यात्री और कैमूर की एक महिला भी शामिल थीं.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को घटनास्थलों से जुड़े सबूतों की जांच और क्राइम सीन दोबारा दिखाने के लिए ले जाया गया था. इसी दौरान उसने मौके का फायदा उठाकर एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश करते हुए फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
कनपटी पर गोली मारकर करता था हत्या
जांच में सामने आया कि आरोपी तीनों वारदातों में एक ही तरीका अपनाता था. वह सीधे सिर या कनपटी को निशाना बनाता था, ताकि पीड़ित को संभलने का मौका न मिले. पहली घटना 10 मई की सुबह ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में हुई थी. इसके बाद उसी रात कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में गया निवासी एक यात्री की हत्या कर दी गई.
तीसरी वारदात सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में हुई, जहां आरोपी ने कैमूर की रहने वाली महिला को गोली मार दी. घटना के बाद भागने की कोशिश में वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया.
सेना छोड़ने के बाद बिगड़ी मानसिक हालत
पुलिस जांच में पता चला कि गुरप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था और पहले सेना में तैनात था. उसने वर्ष 2021 में नौकरी छोड़ दी थी. अधिकारियों के मुताबिक सेना से अलग होने के बाद वह शराब की लत में पड़ गया और मानसिक तनाव से जूझ रहा था.
कुछ समय पहले वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था, लेकिन नौकरी छूटने के बाद उसकी हालत और खराब हो गई. पुलिस को शक है कि मानसिक अस्थिरता के कारण उसने सिलसिलेवार हत्याओं को अंजाम दिया.
आरोपी के पास से मिले कई हथियार
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रिवॉल्वर, कारतूस और कटी हुई डबल बैरल बंदूक बरामद की है. इनमें से एक हथियार का लाइसेंस मिला है, जबकि दूसरे हथियार से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले. पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी जांच में आरोपी की तीनों हत्याओं में भूमिका की पुष्टि हो चुकी है.
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