Bhagalpur News : नगर निगम कार्यालय में सोमवार का दिन हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के नाम रहा. एयरपोर्ट क्षेत्र में बसे लोगों को जारी नोटिस के विरोध में स्थानीय लोगों ने निगम कार्यालय का घेराव किया. इसी दौरान मानदेय भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. वहीं, नगर निगम के लिए होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने भी लंबित वेतन और अन्य बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. लगातार हुए तीन अलग-अलग प्रदर्शनों से निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा.
एयरपोर्ट क्षेत्र के नोटिस पर भड़के लोग
हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास स्थित भवनों को नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के विरोध में वार्ड संख्या-31 के दर्जनों निवासी मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में निगम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. नगर आयुक्त के कार्यालय में नहीं रहने पर निगम कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को सभागार में बैठाया. बाद में मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल की आपात बैठक कर लोगों की बातें सुनीं.
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बैठक में लोगों ने कहा कि नगर निगम वर्षों से ‘ऑफ सेंट्रल जेल रोड’ के आधार पर मकानों की ऊंचाई और आकार के अनुसार होल्डिंग टैक्स वसूल रहा है. ऐसे में अब अचानक भवनों की ऊंचाई का नया मानक लागू कर नोटिस जारी करना उचित नहीं है. लोगों ने इसे नागरिकों के साथ अन्याय बताया. इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल स्वीकृत नक्शों की जांच की जा रही है. हालांकि स्थानीय लोगों ने नोटिस वापस लेने की मांग दोहराई.
मेयर ने कार्रवाई स्थगित करने का दिया निर्देश
हंगामे के बाद मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखा. उन्होंने वार्ड संख्या-31 एवं तिलकामांझी क्षेत्र के मकान मालिकों को जारी नोटिस तथा अवैध निर्माण से संबंधित जांच और अन्य कार्रवाई को जनहित में तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्देश दिया.
मेयर ने पत्र में कहा कि स्थानीय लोगों के सामूहिक आवेदन में दस्तावेजों में स्पष्ट उल्लेख का अभाव, दशकों से आबाद क्षेत्र, नए हवाई अड्डे का विकल्प, नोटिस के लिए कम समय सीमा और बढ़ते जन असंतोष जैसे कई गंभीर व व्यावहारिक मुद्दे उठाए गए हैं. उन्होंने राज्य सरकार को पूरे मामले से अवगत कराकर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का भी निर्देश दिया, ताकि शांति व्यवस्था और जनहित दोनों सुरक्षित रह सकें.
एयरपोर्ट की जमीन के उपयोग पर भी उठी मांग
बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि सुल्तानगंज में नए हवाई अड्डे के निर्माण के बाद शहर के बीच स्थित वर्तमान हवाई अड्डे की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी. उन्होंने मांग की कि इस परिसर को आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाए या यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क अथवा स्टेडियम बनाया जाए.
प्रदर्शन और बैठक में निरंजन पोद्दार, ललन पांडेय, शैलेश मिश्रा, गौरव राय सहित वार्ड संख्या-31 के कई लोग मौजूद रहे.
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मानदेय नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों ने जड़ा ताला
दूसरी ओर, बरारी पुल घाट पर तैनात रहे सफाईकर्मियों ने मानदेय भुगतान में देरी के विरोध में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया. आक्रोशित कर्मियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया, जिससे कुछ देर तक कार्यालय का कामकाज बाधित रहा. बाद में अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर सफाईकर्मियों ने ताला खोल दिया.
मई में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद बरारी घाट से नावों का संचालन शुरू किया गया था. यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से घाटों पर सफाईकर्मियों की तैनाती की थी. पुल पर परिचालन सामान्य होने के बाद घाट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई, लेकिन करीब एक माह बाद भी भुगतान नहीं मिलने से कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया.
स्वास्थ्य शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल ने बताया कि संबंधित सफाईकर्मियों को भुगतान के लिए पहले ही 14 जुलाई को बुलाया गया था. उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार को सभी कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा.
होल्डिंग टैक्स एजेंसी के कर्मचारियों ने भी किया प्रदर्शन
सोमवार को नगर निगम के लिए होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली एजेंसी के कर संग्रहकों और अन्य कर्मचारियों ने भी लंबित वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी तथा अन्य बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
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