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Bihar News : नए सत्र से पहले किताबें देने की तैयारी, बिहार में मुफ्त पाठ्य-पुस्तक योजना पर तेजी

Bihar News : बिहार में नए शैक्षणिक सत्र से पहले छात्रों को समय पर किताबें देने की तैयारी शुरू हो गई है. शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि सत्र के पहले महीने में ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक मिल सके. इस बार देरी और कमी की समस्या से बचने के लिए तय समयसीमा के भीतर सटीक डाटा मांगा गया है.

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Bihar News : बिहार में नए शैक्षणिक सत्र से पहले छात्रों को समय पर किताबें देने की तैयारी शुरू हो गई है. शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि सत्र के पहले महीने में ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक मिल सके. इस बार देरी और कमी की समस्या से बचने के लिए तय समयसीमा के भीतर सटीक डाटा मांगा गया है.

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Bihar News : बिहार में स्कूली शिक्षा को लेकर एक अहम पहल शुरू की गई है, जिसके तहत आने वाले शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को समय पर निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को जरूरी दिशा-निर्देश भेज दिए हैं, ताकि सत्र शुरू होते ही छात्रों को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो.

समय पर वितरण को लेकर सख्त निर्देश

राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों और डीपीओ (एसएसए) को निर्देश दिया है कि पुस्तकों की आपूर्ति पहले महीने में ही सुनिश्चित की जाए. इसके लिए हर जिले से प्रखंड और कक्षा के अनुसार सटीक मांग मांगी गई है. यह भी तय किया गया है कि सभी जिलों को 5 मई तक यह जानकारी हर हाल में उपलब्ध करानी होगी.

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कई श्रेणी के स्कूलों के छात्रों को मिलेगा लाभ

इस योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न प्रकार के विद्यालयों के बच्चों को किताबें दी जाएंगी. इनमें सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त विद्यालय, अनुदानित मदरसे और संस्कृत विद्यालय शामिल हैं. इसके अलावा कल्याण विभाग के तहत संचालित एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी वर्ग के स्कूलों के साथ-साथ अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चलने वाले संस्थान भी इसमें शामिल किए गए हैं.

सटीक मांग पर जोर

विभाग का उद्देश्य है कि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई निर्बाध रूप से शुरू हो सके. पहले कई बार देखा गया कि मांग देर से भेजे जाने के कारण किताबों के वितरण में देरी हो जाती थी. इस बार इस समस्या से बचने के लिए समयसीमा तय कर दी गई है और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नामांकन के संभावित आंकड़ों के आधार पर सही मांग भेजें, ताकि न तो किताबों की कमी हो और न ही अतिरिक्त छपाई के कारण बर्बादी.

इसे भी पढ़ें-बिहार के विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति बहाली की तैयारी, लंबे समय से खाली पदों पर होगी नियुक्ति

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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