Bhagalpur News : भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी खराबियों को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी मरम्मत को लेकर नई व्यवस्था लागू की है. पथ निर्माण विभाग ने सेतु के स्थायी सुधार और पुनर्वास का पूरा दायित्व अब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को सौंप दिया है. निगम ही अब मरम्मत की योजना तैयार करने से लेकर टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी चयन तक सभी कार्यों की निगरानी करेगा.
सरकार ने फिलहाल तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर काम शुरू करने का फैसला लिया है. एक ओर जहां आवाजाही बनाए रखने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) अस्थायी बेली ब्रिज तैयार करेगा, वहीं दूसरी तरफ पुल निर्माण निगम स्थायी मरम्मत की विस्तृत योजना पर काम करेगा.
आईआईटी विशेषज्ञ कर रहे तकनीकी जांच
वर्तमान में आईआईटी के विशेषज्ञों की टीम सेतु के नवगछिया छोर पर विस्तृत तकनीकी निरीक्षण कर रही है. टीम पुल के विभिन्न हिस्सों की मजबूती और क्षति का आकलन कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सिर्फ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं होगी, बल्कि उन हिस्सों को भी ठीक किया जाएगा जहां शुरुआती स्तर पर तकनीकी गड़बड़ी मिली है.
इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी. विभाग ने इस कार्य में सूचीबद्ध कंसल्टेंट एजेंसियों की सहायता लेने का निर्णय लिया है ताकि मरम्मत प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके.
कई हिस्सों में मिली गंभीर खराबी
प्रारंभिक जांच में पुल के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं. जानकारी के अनुसार पिलर संख्या 2, 3 और 4 के बेयरिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए हैं. इसके अलावा स्लैब की स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है.
विशेषज्ञों ने यह भी पाया है कि एक्सपेंशन ज्वाइंट के बीच का गैप सामान्य सीमा से अधिक बढ़ गया है, जो संरचनात्मक दृष्टि से चिंता का विषय माना जा रहा है. विभाग को उम्मीद है कि अंतिम संयुक्त रिपोर्ट आने के बाद अन्य तकनीकी कमियों की भी स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी.
विभागों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब विक्रमशिला सेतु के संरचनात्मक रखरखाव और मरम्मत का पूरा दायित्व पुल निर्माण निगम संभालेगा. वहीं एनएच विभाग केवल सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सामान्य रखरखाव से जुड़े कार्यों की देखरेख करेगा.
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में विक्रमशिला सेतु के रखरखाव की जिम्मेदारी कई बार अलग-अलग विभागों को सौंपी गई थी. पहले यह पथ निर्माण विभाग के अधीन था, बाद में पुल निर्माण निगम के विभिन्न प्रमंडलों को जिम्मेदारी मिली और करीब तीन वर्ष पहले इसका प्रबंधन एनएच प्रमंडल को दिया गया था. हालिया तकनीकी समस्या के बाद अब फिर इसकी जिम्मेदारी पुल निर्माण निगम को सौंप दी गई है.
जल्द शुरू हो सकती है स्थायी मरम्मत
अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ रिपोर्ट मिलने के बाद स्थायी मरम्मत कार्य के लिए प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी. सरकार की कोशिश है कि सेतु को जल्द सुरक्षित और सुचारु स्थिति में लाया जाए ताकि भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों को यातायात में परेशानी न हो.
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