इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News : लोहिया पुल से अलीगंज तक सफर करने वालों के लिए अब सड़क की तस्वीर बदलने वाली है. लंबे समय से जाम और जलजमाव की परेशानी झेल रहे इस मार्ग को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. 3.70 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को करीब 50.17 करोड़ रुपये की लागत से नए सिरे से विकसित किया जायेगा.
शनिवार को पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने लोहिया पुल और अलीगंज बाइपास वीयूपी के पास नारियल फोड़कर निर्माण कार्य की शुरुआत की. परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मंत्री ने निर्माण एजेंसी को समय पर काम पूरा करने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया.
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सिर्फ सड़क चौड़ी नहीं होगी, पूरा कॉरिडोर बदलेगा
परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई 17 मीटर होगी. बीच में पक्का डिवाइडर बनाया जायेगा. दोनों किनारों पर ड्रेन और पेवर ब्लॉक की व्यवस्था होगी. इसके अलावा सड़क को स्ट्रीट लाइट से रोशन किया जायेगा.
ड्रेनेज की व्यवस्था का मकसद बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव को कम करना है. वहीं दोनों तरफ नाले के ऊपर पेवर ब्लॉक बिछाये जाने से इस हिस्से को फुटपाथ के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. यानी फोरलेन के साथ पैदल चलने वालों के लिए भी जगह विकसित होगी.
पुरानी सड़क की मरम्मत नहीं, खोदकर बनेगा नया मार्ग
इस परियोजना में मौजूदा सड़क को केवल दुरुस्त करने की योजना नहीं है. सड़क को खोदकर नए सिरे से तैयार किया जायेगा. निर्माण कार्य अलीगंज बाइपास वीयूपी की तरफ से शुरू किया गया है. इसका जिम्मा मुंगेर की निरंजन शर्मा एंड कंपनी को दिया गया है.
निर्माण की तकनीक भी सड़क के अलग-अलग हिस्सों के हिसाब से तय की गयी है. लोहिया पुल से अलीगंज शैलबाग कॉलोनी तक करीब 2.5 किलोमीटर हिस्से में पीक्यूसी सड़क बनेगी. इसके बाद शैलबाग कॉलोनी से बाइपास वीयूपी तक करीब 1.2 किलोमीटर सड़क बिटुमिनस तकनीक से तैयार की जायेगी.
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जमीन की सीमा बनी थी सबसे बड़ी बाधा, अब रास्ता साफ
परियोजना को जमीन की सीमा को लेकर लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) का सही सीमांकन नहीं होने के कारण निर्माण कार्य आगे बढ़ाना मुश्किल था.
अब मापी कर जमीन की वास्तविक सीमा तय कर दी गयी है. इसके साथ ही निर्माण में आ रही प्रमुख तकनीकी अड़चन दूर हो गयी है और काम शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है.
बारिश के बाद दिखेगी निर्माण की असली रफ्तार
बरसात के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका है. मौसम साफ होने के बाद काम को तेजी से आगे बढ़ाया जायेगा. निर्माण क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमण को भी हटाया जायेगा. इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
सड़क के निर्माण में आने वाले बिजली के पोल और तारों को भी जरूरत के अनुसार शिफ्ट किया जायेगा, ताकि काम में किसी तरह की बाधा न रहे.
जाम और जलजमाव दोनों पर एक साथ वार
लोहिया पुल-अलीगंज मार्ग शहर के महत्वपूर्ण रास्तों में है. यातायात का दबाव अधिक होने के कारण यहां अक्सर जाम लगता है. बारिश के दिनों में जलजमाव की समस्या भी आवागमन मुश्किल करती है.
फोरलेन बनने के बाद सड़क की क्षमता बढ़ेगी. पक्का डिवाइडर यातायात को व्यवस्थित करेगा, जबकि ड्रेनेज व्यवस्था जलजमाव कम करने में मदद करेगी. इससे शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को बेहतर सड़क मिलने के साथ इस इलाके में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है.
हंसडीहा एनएच से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
यह मार्ग भागलपुर को हंसडीहा एनएच से जोड़ता है. ऐसे में फोरलेन बनने का असर केवल स्थानीय यातायात पर नहीं पड़ेगा, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी.
मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि बिहार के साथ भागलपुर को भी बेहतर सड़क और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने का संकल्प है. परियोजना का निर्माण सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (सीआरआइएफ) के तहत कराया जा रहा है.
शुभारंभ में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में भागलपुर की मेयर डॉ. बसुंधरा लाल, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, भागलपुर नगर विधायक रोहित पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार और सुड्डू साईं मौजूद रहे. इसके अलावा पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता समेत विभागीय अधिकारी-कर्मी तथा भाजपा और जदयू के कई कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
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