इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन ठप होने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. सड़क संपर्क बाधित होने के बीच जिला प्रशासन ने अब वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंगा नदी में फेरी, स्टीमर और कार्गो सेवा शुरू करने का फैसला लिया है. जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही मंगलवार को विभिन्न वाहनों और यात्रियों के लिए किराया भी निर्धारित कर दिया गया.
पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बढ़ी परेशानी
तीन मई की रात विक्रमशिला पुल का एक स्लैब गिर जाने के बाद भागलपुर-नवगछिया मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी. इसका असर व्यापार, खेती, शिक्षा और दैनिक जीवन पर साफ देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में लोग वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं.
प्रशासन का कहना है कि घाटों की निविदा प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है, इसलिए तत्काल राहत देने के उद्देश्य से निजी कंपनियों को अस्थायी रूप से जल परिवहन सेवा संचालित करने की अनुमति दी गई है.
तीन कंपनियों को संचालन की मंजूरी
फेरी और कार्गो सेवा चलाने के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया था. इन सभी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) से भी स्वीकृति मिल चुकी है.
किन कंपनियों को मिली अनुमति
| कंपनी का नाम | फेरी जलयान | कार्गो जलयान | रूट |
|---|---|---|---|
| कन्हैया लॉजिस्टिक, साहेबगंज | 2 | 6 | बाबूपुर घाट से महादेवपुर घाट |
| सार्क सीपिंग, भागलपुर | 4 | 4 | कहलगांव घाट से तीनटंगा घाट |
| जिरीया प्राइवेट लिमिटेड, मनिहारी | 2 | 4 | बरारी घाट से जाह्नवी चौक घाट |
सेवा संचालकों के लिए जारी किए गए निर्देश
प्रशासन ने जल परिवहन सेवा संचालित करने वाली कंपनियों के लिए कई सख्त नियम तय किए हैं.
- यात्रियों और वाहनों से केवल प्रशासन द्वारा तय किराया ही लिया जाएगा.
- सभी घाटों और टिकट काउंटर पर किराया सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा.
- संचालकों को वसूली गई राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा प्रतिदिन शाम 6:30 बजे तक जमा करना होगा.
- सुरक्षा कारणों से फेरी सेवा केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही संचालित होगी.
- सभी जलयानों में लाइफ जैकेट, रस्सी और अन्य जीवन रक्षक उपकरण रखना अनिवार्य होगा.
- क्षमता से अधिक यात्री या वाहन ले जाने पर कार्रवाई की जाएगी.
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि यदि कोई संचालक तय दर से अधिक किराया वसूलता है या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
तय किया गया किराया
यात्री एवं सामान
- 12 वर्ष से कम उम्र के यात्री – ₹25
- 12 वर्ष से अधिक उम्र के यात्री – ₹50
- माल-मवेशी – ₹30
- 100 किलोग्राम सामान – ₹30
साइकिल एवं छोटे वाहन
- लोडेड साइकिल – ₹50
- अनलोडेड साइकिल – ₹20
- मोटरसाइकिल – ₹50
- टोटो/टेंपो – ₹150
- एंबुलेंस – नि:शुल्क
ट्रैक्टर, पिकअप एवं कार
- ट्रैक्टर (लोडेड) – ₹500
- ट्रैक्टर (अनलोडेड) – ₹250
- पिकअप (लोडेड) – ₹600
- पिकअप (अनलोडेड) – ₹300
- जीप/कार/टैक्सी – ₹700
भारी वाहनों का किराया
- 10 व्हीलर (लोडेड) – ₹3,800
- 10 व्हीलर (अनलोडेड) – ₹1,900
- 12 व्हीलर (लोडेड) – ₹4,400
- 12 व्हीलर (अनलोडेड) – ₹2,200
- 14 व्हीलर (लोडेड) – ₹4,500
- 14 व्हीलर (अनलोडेड) – ₹2,250
- 16 व्हीलर (लोडेड) – ₹4,800
- 16 व्हीलर (अनलोडेड) – ₹2,400
- 18 व्हीलर (लोडेड) – ₹5,000
- 18 व्हीलर (अनलोडेड) – ₹2,500
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