Dhanbad News: कोयलांचल क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) अकीदत के साथ मनाया गया. सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में त्योहार का माहौल दिखाई देने लगा और लोग नमाज की तैयारियों में जुट गए थे. सभी प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सामूहिक नमाज अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए. नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी. महिलाओं ने घरों में ही नमाज अदा कर पर्व की परंपरा निभाई. पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल के बीच बकरीद का त्योहार संपन्न हुआ.
रेलवे ग्राउंड और जामा मस्जिद में दिखी सबसे ज्यादा भीड़
रेलवे ग्राउंड और जामा मस्जिद में नमाज के लिए सबसे अधिक भीड़ देखी गई. बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आया. नमाज के बाद पारंपरिक रूप से कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके साथ ही लोगों ने आपस में मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं और पारंपरिक व्यंजन लच्छा का भी आनंद लिया. पूरे कोयलांचल में सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बना रहा.
इमामों ने दिया एकता और सुधार का संदेश
जामा मस्जिद रेलवे ग्राउंड में इमाम मोहम्मद निजामुद्दीन ने सामूहिक नमाज अदा कराते हुए लोगों को संदेश दिया कि बकरीद केवल कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को त्यागने का अवसर भी है. उन्होंने समाज, परिवार और देश में शांति और समृद्धि की दुआ करने की अपील की. वहीं नया बाजार स्थित ईदगाह मस्जिद में इमाम मोहम्मद आमीरूद्दीन ने नमाज के दौरान लोगों को सौहार्द और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया.
त्याग, आस्था और बलिदान का पर्व
ईद-उल-अजहा इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है. इस दौरान हज यात्रा के लिए दुनिया भर से मुस्लिम मक्का पहुंचते हैं. यह त्योहार त्याग और बलिदान की भावना का प्रतीक माना जाता है, जिसमें अपनी प्रिय वस्तु को अल्लाह के नाम पर समर्पित करने की परंपरा है.
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