Jharkhand Dam Update: झारखंड में लगातार बारिश के बीच अब डैमों के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए फाटकों से पानी छोड़ा जा रहा है. 24 और 25 सितंबर की उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य के छह प्रमुख डैमों के गेट खोले गये हैं. इनमें चांडिल डैम में सबसे ज्यादा नौ रेडियल गेट खोले गये हैं, जबकि तेनुघाट डैम के छह गेटों से करीब 9710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़ा जा रहा था. पतरातू डैम के दो गेट चार और आठ इंच तक खोले गये हैं.
रांची के गोंदा और कांके डैम तथा बोकारो के गरगा डैम से भी पानी की निकासी की गयी है. डैमों से निकासी बढ़ने के साथ दामोदर, स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है.
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सबसे ज्यादा चांडिल से निकासी
सरायकेला-खरसावां के चांडिल डैम में जलस्तर 181 मीटर तक पहुंचने के बाद पानी की निकासी बढ़ायी गयी है. डैम के कुल 13 रेडियल गेटों में से नौ गेट खोले गये हैं.
रिपोर्ट के अनुसार सभी नौ गेटों को एक-एक मीटर तक खोला गया है. डैम से पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है.
तेनुघाट के 6 गेटों से 9710 क्यूसेक पानी
बोकारो के तेनुघाट डैम से पानी की निकासी का असर सीधे दामोदर नदी पर पड़ रहा है. डैम के छह रेडियल गेट खोले गये हैं.
24 सितंबर की सुबह तक इन गेटों से करीब 9710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़ा जा रहा था. इससे पहले 23 सितंबर की शाम जलस्तर 848 फीट तक पहुंचने के बाद चार अतिरिक्त गेट खोले गये थे.
पतरातू में अलग-अलग ऊंचाई तक खुले गेट
रामगढ़ के पतरातू डैम में जलस्तर 1328 आरआरएल तक पहुंच गया है. इसके बाद गेट नंबर चार को चार इंच और गेट नंबर छह को आठ इंच खोला गया है.
डैम में पानी की आवक और बाहर निकाले जा रहे पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है. स्थिति के अनुसार दोनों फाटकों की ऊंचाई बढ़ाने या घटाने का निर्णय लिया जा सकता है.
रांची के दो डैमों से भी पानी निकला
रांची के गोंदा डैम के रेडियल गेट नंबर दो और चार से पांच इंच पानी की निकासी की गयी. डैम की अधिकतम क्षमता 28 फीट बतायी गयी है.
वहीं, कांके डैम का फाटक नंबर दो भी थोड़ा खोलकर पानी निकाला गया. फाटक को कितनी मात्रा में खोला गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है.
गरगा डैम में 4 इंच खोला गया गेट
बोकारो के गरगा डैम का जलस्तर 24 सितंबर की रिपोर्ट में 766.6 फीट दर्ज किया गया था. जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए इसका गेट चार इंच खोला गया.
लगातार बारिश को देखते हुए डैम की स्थिति पर रातभर निगरानी रखने की बात कही गयी थी.
पानी छोड़े जाने का नदियों पर असर
डैमों से निकासी बढ़ने का असर आसपास की नदियों में भी दिख रहा है. तेनुघाट से पानी छोड़े जाने के बाद दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ा है.
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चांडिल डैम से पानी की निकासी के बाद स्वर्णरेखा और खरकई नदियों में भी पानी बढ़ा है. ऐसे में डैम और नदियों के आसपास के इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
निचले इलाकों में बढ़ी सतर्कता
एक साथ कई डैमों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी हो गयी है. लगातार बारिश के कारण डैमों में पानी की आवक बनी हुई है और जलस्तर के अनुसार फाटकों की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है.
नदी, डैम और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को पानी की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है.
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