Tamil Nadu: तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में 12वीं की छात्रा से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में विशेष POCSO अदालत ने दोषी धर्म मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई है. अदालत का यह फैसला घटना के करीब तीन महीने के भीतर आया है, जिसे राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कड़ी न्यायिक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.
मार्च में हुई थी वारदात
मामला 10 मार्च का है, जब थूथुकुडी जिले के वेदानथम गांव में एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन अपराध के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. शुरुआती जांच में पुलिस के पास कोई स्पष्ट सुराग नहीं था, जिसके कारण यह मामला काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था.
#WATCH | Thoothukudi, Tamil Nadu: The Thoothukudi District Special POCSO Court has sentenced convict Dharma Muneeswaran to a double death penalty for the brutal sexual assault and murder of a 12th-grade schoolgirl from Veda Natham village.
— ANI (@ANI) May 25, 2026
(Visuals from Thoothukudi District… pic.twitter.com/O9p6KD2VXy
CCTV और DNA जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
साउथ जोन के आईजीपी विजयेंद्र एस बिदारी के अनुसार, जांच टीम ने हजारों घंटों की CCTV फुटेज की पड़ताल की. इसके साथ ही फॉरेंसिक साक्ष्यों और डीएनए मिलान के जरिए आरोपी की पहचान की गई. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज होने के 21 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी.
पहले भी गंभीर अपराध में आरोपी रह चुका है दोषी
जांच में यह भी सामने आया कि धर्म मुनीश्वरन पहले एक बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी रह चुका था. वह उस मामले में सजा भुगत चुका था और जमानत पर बाहर आने के बाद उसने छात्रा को अपना शिकार बनाया.
71 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला
अदालत में अभियोजन पक्ष ने 71 गवाहों के बयान और विभिन्न तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए. त्वरित सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दुष्कर्म और हत्या, दोनों अपराधों में अलग-अलग मृत्युदंड की सजा सुनाई.
मुख्यमंत्री ने फैसले का किया स्वागत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अदालत के फैसले की सराहना की है. उन्होंने कहा कि घटना के कुछ ही महीनों के भीतर न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना और दोषी को कठोर सजा मिलना महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है.
क्या होती है दोहरी मौत की सजा?
कानूनी रूप से दोहरी मौत की सजा का अर्थ यह है कि आरोपी को दो अलग-अलग गंभीर अपराधों में मृत्युदंड दिया गया है. हालांकि किसी व्यक्ति को दो बार फांसी नहीं दी जा सकती. ऐसे मामलों में सजा तकनीकी रूप से अलग-अलग दर्ज होती है, लेकिन उसका क्रियान्वयन एक ही बार होता है. धर्म मुनीश्वरन को भी दुष्कर्म और हत्या, दोनों मामलों में अलग-अलग मृत्युदंड सुनाया गया है.
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