Bhagalpur News : भागलपुर के टाउन हॉल में शनिवार की शाम स्वतंत्रता दिवस की संध्या देशभक्ति, कला और संस्कृति के रंग में रंग गयी. जिला प्रशासन की ओर से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बच्चों ने ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि सभागार तालियों से गूंज उठा. गीत-संगीत और नृत्य से लेकर नाटक, कराटे और ऑपरेशन सिंदूर की झलकियों तक ने दर्शकों का ध्यान खींचा.
कार्यक्रम की शुरुआत शाम पांच बजे हुई. उप विकास आयुक्त रवि राकेश, जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी महेश प्रसाद, डीपीओ शशि चंदन चौधरी, किलकारी बिहार बाल भवन के प्रतिनिधि साहिल राज और जिला परिषद उपाध्यक्ष समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर किया.
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राष्ट्रीय गीत से शुरू हुआ कार्यक्रम, मंच पर दिखी देश की विविधता
राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज हुआ. इसके बाद आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर के कलाकारों ने प्रस्तुतियां देकर माहौल को सांस्कृतिक रंग दिया. इसके बाद अलग-अलग विद्यालयों और संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
कार्यक्रम में 14 चयनित विद्यालयों और संस्थानों के बच्चों ने हिस्सा लिया. गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, कराटे और देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और भारतीय संस्कृति की विविधता को मंच पर उतारा.
किलकारी बिहार बाल भवन, आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, शरण्या एकेडमी, ताल नृत्यम और सेंट जोसफ समेत विभिन्न संस्थानों के बच्चों ने प्रस्तुतियां दीं. हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों से गूंजता रहा. मंच का संचालन नम्रता मिश्रा और वैभव राज ने किया.
छोटे बच्चों के कराटे प्रदर्शन और ऑपरेशन सिंदूर की झलक ने जीता दिल
कार्यक्रम में छोटे बच्चों का कराटे प्रदर्शन खास आकर्षण रहा. बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया. नाट्य प्रस्तुति और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी झांकियों ने भी दर्शकों को खासा प्रभावित किया.
इन प्रस्तुतियों में बच्चों ने केवल अपनी प्रतिभा नहीं दिखाई, बल्कि वीरता, साहस, राष्ट्रीय सुरक्षा और देशभक्ति का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया. बच्चों की ऊर्जा और आत्मविश्वास ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों को भी उत्साहित कर दिया.
प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर प्रतिभागियों का सम्मान
कार्यक्रम के समापन से पहले सभी सहभागी विद्यालयों और संस्थानों के समूहों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. उप विकास आयुक्त रवि राकेश समेत अन्य अतिथियों ने प्रतिभागी बच्चों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं. उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी विद्यालयों, संस्थानों, प्रशिक्षकों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को बधाई दी.
बिहार राज्य गीत के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
अंतिम चरण में आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र के कलाकारों ने तबला, हारमोनियम और गिटार की मधुर धुनों पर बिहार राज्य गीत प्रस्तुत किया. सामूहिक रूप से राज्य गीत के गायन के साथ सांस्कृतिक संध्या का विधिवत समापन हुआ.
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले पदाधिकारियों, विद्यालयों, संस्थानों, कलाकारों, शिक्षकों, अभिभावकों और दर्शकों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की एकता और अखंडता के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी है.
अपने बच्चों को मंच पर प्रस्तुति देते देखकर अभिभावकों और शिक्षकों में खासा उत्साह दिखा. उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम और बच्चों को प्रतिभा दिखाने के लिए मिले मंच की सराहना की. सांस्कृतिक संध्या ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर टाउन हॉल को देशभक्ति, कला, संस्कृति और बाल प्रतिभाओं के उत्सव में बदल दिया.
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