PM Modi Bastar Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाते हुए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलता को देश की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान किसी भी CRPF जवान की जान नहीं गई. प्रधानमंत्री के मुताबिक, 47 साल में पहली बार ऐसा हुआ है. उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों के साहस, संयम और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया.
इस दौरान पीएम ने दावा किया कि देश ने दशकों पुराने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ जंग जीत ली है और यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है.
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#WATCH | Bastar, Chhattisgarh: Prime Minister Narendra Modi says, "Our country has the capability to fulfil every resolve it makes. Today, when we speak about eradicating poverty, when we speak about a Drug-Free India and a Nasha Mukt Bharat, when we speak about a Viksit Bharat and an Atmanirbhar Bharat, the country will certainly achieve these goals too. We must witness these dreams becoming a reality before our own eyes. I have faith in the youth power of my country. I have faith in the people of our nation. The country will certainly achieve these goals."(Source: DD)
— ANI (@ANI) November 8, 2026
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बदली रणनीति, 2014 के बाद आया बदलाव
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में केंद्र में BJP की सरकार आने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ा बदलाव आया. देश की तरक्की के लिए आंतरिक सुरक्षा के खतरों से मजबूती और सुनियोजित रणनीति के साथ निपटना जरूरी है. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद नक्सलवाद से मुकाबले के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हुई.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने 2004 से 2013 के बीच के आंकड़ों का हवाला देते हुए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उस दौर में हर साल नक्सलियों के मुकाबले अधिक सुरक्षाकर्मी मारे जा रहे थे. पीएम के मुताबिक, तत्कालीन सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका इलाज संभव नहीं है.
दंतेवाड़ा के हमले में 76 जवानों की गई थी जान
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा की पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए साल 2010 के दंतेवाड़ा हमले को याद किया. उन्होंने कहा कि इस हमले में 76 CRPF जवानों की जान गई थी. इसी साल जिले में एक अन्य घटना में 44 आम नागरिकों की भी हत्या हुई थी.

मोदी ने कहा कि नक्सली हमलों में सुरक्षाकर्मियों के साथ आम लोगों को भी निशाना बनाया जाता था. कई इलाकों में लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया. उन्होंने दावा किया कि देश ने एक साल में 2,000 तक नक्सली हमले देखे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दशकों तक चली हिंसा में 1,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए. उन्होंने कहा कि कोई भी देश दुश्मनों के सामने यह सोचकर नहीं चल सकता कि हालात ऐसे ही बने रहेंगे.
140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों का जताया आभार
बस्तर में जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सुरक्षा बलों का आभार जताने आए हैं. उन्होंने जवानों के बलिदान, समर्पण और सेवा की सराहना की.
मोदी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों की तरह आंतरिक सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बल भी भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करते हैं. उन्होंने देशभर में तैनात जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि पूरे देश को उनकी सेवा और बहादुरी पर गर्व है.
नक्सलवाद के डर के बिना दिवाली मना रहे करोड़ों लोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब करोड़ों भारतीय नक्सलवाद के डर के बिना त्योहार मना सकते हैं. उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.
पीएम ने दावा किया कि देश ने दशकों पुराने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ जंग जीत ली है. उनके मुताबिक, यह पहली दिवाली है, जब देश का कोई भी जिला नक्सलवाद से प्रभावित नहीं है.
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