Bhagalpur Animal Birth Control : शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है. योजना के संचालन के लिए जयपुर की संतुलन जीव कल्याण एजेंसी का चयन कर उसे वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है. एजेंसी जल्द ही शहर में एबीसी सेंटर स्थापित कर अभियान शुरू करेगी. इसके तहत आवारा कुत्तों का बंध्याकरण, टीकाकरण और बाद में उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा जाएगा.
दो साल तक एजेंसी करेगी एबीसी योजना का संचालन
नगर निगम की ओर से जारी कार्यादेश के अनुसार चयनित एजेंसी को 29 जुलाई 2026 से 28 जुलाई 2028 तक दो वर्षों के लिए एबीसी योजना संचालित करने की अनुमति दी गई है. नगर आयुक्त ने एजेंसी को भेजे पत्र में सभी निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए जल्द कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों का मानना है कि अभियान शुरू होने के बाद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
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प्रति कुत्ता 1550 रुपये होगी भुगतान दर
निविदा की स्वीकृत शर्तों के अनुसार एजेंसी को प्रत्येक आवारा कुत्ते के बंध्याकरण, टीकाकरण और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के लिए 1,550 रुपये प्रति कुत्ता की दर से भुगतान किया जाएगा. अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों से कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर लाया जाएगा, जहां सभी जरूरी चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
बंध्याकरण के बाद वहीं छोड़े जाएंगे कुत्ते
कार्यादेश में स्पष्ट किया गया है कि पकड़े गए आवारा कुत्तों का पहले बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाएगा. स्वास्थ्य जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था. पूरी कार्रवाई एबीसी से जुड़े प्रावधानों और मानकों के अनुरूप होगी.
सात दिनों के भीतर करना होगा एकरारनामा
नगर आयुक्त ने चयनित एजेंसी को निर्देश दिया है कि वर्क ऑर्डर प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर नगर निगम के साथ एकरारनामा पूरा किया जाए. इसके बाद बिना किसी देरी के एबीसी सेंटर स्थापित कर अभियान शुरू करने को कहा गया है. नगर निगम का उद्देश्य शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के साथ रेबीज की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
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