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Chatra News: उधार के राशन से 219 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिल रहा भोजन

Chatra News: चतरा जिले के सिमरिया और लावालौंग प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की पोषाहार व्यवस्था वित्तीय संकट से जूझ रही है. नौ महीने से राशि लंबित रहने के बावजूद सेविकाएं उधार और कर्ज के सहारे बच्चों को भोजन उपलब्ध कराती रहीं, लेकिन अब व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है.

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Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. सिमरिया और लावालौंग प्रखंड के 219 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार मद की राशि लंबे समय से लंबित रहने के कारण सेविकाओं को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सितंबर 2025 से अब तक भुगतान नहीं होने के बावजूद बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था किसी तरह जारी रखी गई है, लेकिन अब हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं.

बच्चों का भोजन जारी रखने के लिए सेविकाओं ने लिया सहारा

आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि बच्चों के पोषण कार्यक्रम को प्रभावित होने से बचाने के लिए उन्होंने निजी स्तर पर पैसे की व्यवस्था की. कई केंद्रों में कर्ज लेकर खाद्य सामग्री खरीदी गई, जबकि कुछ स्थानों पर दुकानदारों से उधार सामान लेकर पोषाहार वितरण जारी रखा गया. हालांकि बकाया बढ़ने के साथ अब उधार मिलना भी मुश्किल होता जा रहा है, जिससे केंद्रों के नियमित संचालन पर असर पड़ने लगा है.

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आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद पर पड़ा असर

केंद्रों में बच्चों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुसार चावल, दाल, सूजी, चीनी और अंडा उपलब्ध कराया जाता है. इन सामग्रियों की खरीद के लिए विभाग की ओर से प्रतिमाह निर्धारित राशि भेजी जाती थी. इसी राशि के आधार पर सेविकाएं पोषाहार की व्यवस्था करती थीं. लेकिन सितंबर 2025 से मई 2026 तक भुगतान नहीं होने के कारण कई केंद्रों में खाद्य सामग्री जुटाने में कठिनाई बढ़ गई है.

बार-बार मांग के बाद भी नहीं हुआ समाधान

सेविकाओं का आरोप है कि बकाया राशि जारी करने को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया और विभिन्न स्तरों पर मांग भी उठाई गई, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है. उनका कहना है कि बच्चों के पोषण कार्यक्रम को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए, मगर आर्थिक दबाव अब असहनीय होता जा रहा है.

सेविका संघ ने जताई नाराजगी

आंगनबाड़ी सेविका संघ की जिला अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने कहा कि नौ महीने से लंबित भुगतान को लेकर लगातार विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि सेविकाएं अपने स्तर से केंद्रों को संचालित कर रही थीं, लेकिन बढ़ते कर्ज और बंद होती उधारी के कारण स्थिति गंभीर हो गई है.

5 जून से पोषाहार वितरण रोकने की चेतावनी

सेविका संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि बकाया राशि का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो 5 जून से सिमरिया और लावालौंग प्रखंड के सभी 219 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण बंद कर दिया जाएगा.

  • सिमरिया और लावालौंग के 219 केंद्र प्रभावित होंगे.
  • भुगतान सितंबर 2025 से लंबित बताया गया है.
  • कई केंद्रों में उधार के सहारे व्यवस्था चल रही है.
  • चतरा, टंडवा और इटखोरी के कुछ क्षेत्रों में पहले से असर दिखने लगा है.
  • भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है.

बच्चों और महिलाओं पर पड़ सकता है प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पोषाहार वितरण प्रभावित होता है तो इसका असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं पर पड़ सकता है. ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार आंगनबाड़ी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में लंबित भुगतान की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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