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Bhagalpur News : भागलपुर शहर में जल-जमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर निगम की ओर से संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में मेयर, नगर आयुक्त, संबंधित वार्ड पार्षद और नगर निगम के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया. टीम ने भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन एसटीपी, भोलानाथ पुल तथा बौंसी पुल के समीप चल रहे रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.
इस दौरान जल निकासी व्यवस्था और निर्माण कार्य से जुड़ी कई खामियां सामने आईं. इसके बाद नगर आयुक्त ने रेलवे विभाग, पुल निर्माण निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियों को 24 घंटे के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया. साथ ही किए गए कार्यों की फोटोयुक्त अनुपालन रिपोर्ट भी निर्धारित समय में उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया.
निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेलवे यार्ड का एसटीपी अभी तक चालू नहीं होने के कारण गंदा पानी सीधे भोलानाथ पुल के समीप नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लगातार जल-जमाव बना रहता है. वहीं भोलानाथ और बौंसी पुल के नीचे ड्रेनेज सिस्टम भी कई स्थानों पर पूरी तरह अवरुद्ध मिला. निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण और जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई. पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य लंबित रहने के कारण कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य प्रभावित होने की भी जानकारी मिली.
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रेलवे विभाग को दिए गए प्रमुख निर्देश
- रेलवे यार्ड का एसटीपी तत्काल संचालित कर गंदे पानी के डिस्चार्ज को एसटीपी चैंबर में डायवर्ट किया जाए तथा केवल ट्रीटमेंट के बाद का पानी ही बाहर छोड़ा जाए.
- भोलानाथ पुल और बौंसी पुल के नीचे जाम पड़े रेलवे ड्रेनेज सिस्टम की तत्काल सफाई कर जल निकासी बहाल की जाए.
- मानसून के बाद रेलवे क्षेत्र के कच्चे नाले को पक्का बनाने के लिए शीघ्र प्राक्कलन तैयार किया जाए.
- पानी के ओवरफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक स्थानों पर करीब एक मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण कराया जाए.
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पुल निर्माण निगम को दिए गए निर्देश
- जहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित है, वहां जल निकासी बनाए रखने के लिए तत्काल अस्थायी कच्ची नालियों का निर्माण कराया जाए.
- निर्माण स्थल और आसपास की सड़कों की प्रतिदिन सफाई कराई जाए तथा वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से धूल नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए.
- पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए बुडको के साथ जल्द संयुक्त सर्वेक्षण कराया जाए.
- बुडको द्वारा पाइपलाइन स्थानांतरित किए जाने से पहले किसी भी परिस्थिति में संबंधित निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाए.
निर्माण एजेंसियों से 24 घंटे में मांगी गई फोटो रिपोर्ट
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी कमियों को 24 घंटे के भीतर दूर करने का निर्देश दिया है. संबंधित विभागों के अलावा निर्माण एजेंसियों श्रीराम कंस्ट्रक्शन और हरदेव कंस्ट्रक्शन को भी आदेश दिया गया है कि सभी निर्देशों के अनुपालन के बाद फोटो सहित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित कर शहरवासियों को जल-जमाव और निर्माण कार्य के कारण होने वाली धूल की समस्या से जल्द राहत दिलाई जाएगी.
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