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Bhagalpur Nagar Nigam Strike : नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच अब शहर की मेयर डॉ. बसुंधरा लाल भी खुलकर उनके पक्ष में उतर आई हैं. कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहरी नागरिक सेवाओं पर इसका असर और गहरा होगा.
धरना स्थल पहुंचकर जताया समर्थन
मंगलवार को हड़ताल के छठे दिन मेयर और कई पार्षद धरना स्थल पहुंचे. उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली. इस दौरान पार्षदों ने कर्मचारियों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से उनकी मांगें स्वीकार करने की मांग उठाई.

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कर्मचारी नेताओं के साथ बनी रणनीति
धरना स्थल से लौटने के बाद मेयर ने अपने कार्यालय में हड़ताल का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष विकास हरि और अन्य कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि किस तरह कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालकर हड़ताल समाप्त कराई जा सके.
पत्र में कर्मचारियों की भूमिका का किया जिक्र
प्रधान सचिव को भेजे गए पत्र में मेयर ने लिखा कि बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन और स्थानीय निकास कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के आह्वान पर 30 जुलाई से राज्यव्यापी हड़ताल चल रही है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दैनिक वेतनभोगी, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मी वर्षों से स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी समेत जरूरी नागरिक सेवाओं की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी इनका योगदान सराहनीय रहा है.
शहर की व्यवस्था पर पड़ रहा असर
मेयर ने पत्र में कहा कि हड़ताल के चलते भागलपुर समेत पूरे बिहार के शहरी निकायों की आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है और उन्हें रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.
सरकार से की त्वरित हस्तक्षेप की मांग
मेयर ने प्रधान सचिव से आग्रह किया कि कर्मचारियों की लंबित और जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो और नगर निगम की सेवाएं फिर से सामान्य हो सकें.
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