Bhagalpur News : भागलपुर में बालू, ईंट भट्ठों और अन्य खनन गतिविधियों से राजस्व वसूली की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने पर खनन विभाग ने नाराजगी जतायी है. चालू वित्तीय वर्ष में जिले को खनन मद से 53 करोड़ 33 लाख रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया गया है. जून तक इसके मुकाबले संग्रह की स्थिति संतोषजनक नहीं रही.
5.93 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 4.07 करोड़ की वसूली
जून तक भागलपुर जिले से 5 करोड़ 93 लाख 31 हजार रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके मुकाबले विभाग ने 4 करोड़ 7 लाख 19 हजार रुपये की वसूली की. इस तरह जून तक निर्धारित लक्ष्य का महज 68.63 प्रतिशत ही हासिल हो सका.
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राजस्व संग्रह में पिछड़ने के बाद खनन विभाग ने जिला खनिज विकास पदाधिकारी को सभी संबंधित मदों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है. हर महीने निर्धारित लक्ष्य के कम से कम 110 प्रतिशत तक राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है.
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सिर्फ बालू नहीं, ईंट भट्ठों पर भी फोकस
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व बढ़ाने के लिए केवल बालू से होने वाली आय पर निर्भर नहीं रहना है. ईंट भट्ठों सहित खनन से जुड़े सभी मदों से राजस्व संग्रह बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई करनी होगी.
इसके लिए तैयार कार्ययोजना की नियमित निगरानी करने और लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया है.
30 दिन में शुल्क नहीं दिया तो जब्त वाहन पर कार्रवाई
खनन विभाग ने जब्त वाहनों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. यदि जब्त वाहन के चालक या मालिक 30 दिनों के भीतर शमन शुल्क और खनिज मूल्य जमा नहीं करते हैं, तो संबंधित वाहन के राजसात और अधिहरण की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव समाहर्ता को भेजना होगा.
इस निर्देश का उद्देश्य जब्त वाहनों से जुड़े मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय समय पर कार्रवाई करना है.
अनीलामित बालू घाटों की जल्द होगी नीलामी
जिले में अब भी कुछ बालू घाटों की नीलामी नहीं हो सकी है. ऐसे अनीलामित घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कराने का निर्देश दिया गया है.
जिला खनिज विकास पदाधिकारी को समाहर्ता के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू करने को कहा गया है. इससे एक ओर बालू घाटों का संचालन व्यवस्थित होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
अवैध खनन पर एफआईआर में देरी हुई तो जवाबदेही तय
अवैध खनन के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक देरी पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है. जिन मामलों में एफआईआर दर्ज करना जरूरी है, वहां बिना विलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
एफआईआर में अधिक देरी सामने आने पर संबंधित स्तर के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. विभाग का मानना है कि अवैध खनन पर त्वरित कार्रवाई से राजस्व के नुकसान को रोकने के साथ खनन नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा.
हर महीने 110% वसूली का लक्ष्य
भागलपुर में खनन राजस्व बढ़ाने के लिए अब विभाग ने लक्ष्य आधारित निगरानी पर जोर दिया है. कार्ययोजना तैयार करने से लेकर जब्त वाहनों के निपटारे, बालू घाटों की नीलामी और अवैध खनन पर एफआईआर तक सभी स्तरों पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया है. अब आने वाले महीनों में विभाग की प्राथमिकता तय लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाने की होगी.
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