इस खबर में क्या है?
JPSC-JSSC आंदोलन: जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ चल रहा आंदोलन 16वें दिन भी जारी है. रविवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में करीब साढ़े पांच घंटे तक मैराथन वार्ता हुई, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी. बातचीत के बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जारी रखने का फैसला किया है. आंदोलनकारी संगठनों का दावा है कि इसमें एक लाख से अधिक युवा शामिल हो सकते हैं.
सरकार ने 98 फीसदी मांगें मानने का किया दावा
रविवार को दोपहर 12.30 बजे शुरू हुई वार्ता शाम 5.45 बजे तक चली. इस दौरान कई बार बातचीत रुकने की स्थिति बनी. सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय यादव और चमरा लिंडा ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की.
सरकार की ओर से कहा गया कि आंदोलनकारियों की करीब 98 फीसदी मांगों पर सहमति बन चुकी है. हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर सरकार अभी तैयार नहीं है. खास तौर पर सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी.
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तीन JPSC सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इधर, रविवार को जेपीएससी के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्या, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं.
जेपएससी में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा था. इसी बीच उन्होंने इस्तीफा दे दिया. इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी सीआईडी की छापेमारी वाले दिन अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.
आज अजिता भट्टाचार्या से पूछताछ
सीआईडी ने जेपीएससी मामले में पूछताछ का कार्यक्रम भी तय किया है. सोमवार को पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्या से पूछताछ की जाएगी. मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ होगी.
पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सीआईडी इस मामले में पहले ही कई दौर की पूछताछ कर चुकी है.
तीन परीक्षाएं रद्द करने पर सरकार तैयार
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में 14वीं जेपीएससी पीटी तथा जेपीएससी बैकलॉग 2023 और 2025 को रद्द करने की मांग पर सहमति बनी है.
सरकार ने परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने की बात भी कही है. इन परीक्षाओं से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी और आर्थिक पहलुओं की जांच ईडी से कराने का प्रस्ताव दिया गया है.
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईआईएम रांची, आईआईटी-आईएसएम और एक्सआईएसएस जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद से एसओपी तैयार कराने पर भी सरकार सहमत हुई है.
CGL परीक्षा पर नहीं बनी सहमति
सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध कायम है. छात्र सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने इसे रद्द करने से इनकार कर दिया है.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत हुई है. परीक्षा के कई अभ्यर्थी अब नौकरी भी कर रहे हैं, इसलिए इसे रद्द करना संभव नहीं है.
सरकार सीजीएल मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराने के पक्ष में है. साथ ही मामले की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात कही गई है.
CBI जांच पर भी छात्र अड़े
आंदोलनकारी छात्र पूरे मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं. उनका कहना है कि केवल सीआईडी जांच पर्याप्त नहीं है. वहीं, सरकार ने कहा कि मामले की सीआईडी जांच 90 दिनों में पूरी कराई जाएगी.
सरकार ने आर्थिक पहलुओं की जांच ईडी से कराने और न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है.
छात्र परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर भी कायम हैं.
सरकार से मिले ये आश्वासन
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता के बाद जिन प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, वे इस प्रकार हैं:
- जेपीएससी बैकलॉग 2023 की परीक्षा रद्द की जाएगी.
- जेपीएससी बैकलॉग 2025 की परीक्षा रद्द की जाएगी.
- 14वीं जेपीएससी पीटी को रद्द किया जाएगा.
- टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराई जाएगी.
- एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच सीआईडी और आर्थिक पहलुओं की जांच ईडी से कराई जाएगी.
- जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार के लिए आईआईएम रांची, आईआईटी-आईएसएम और एक्सआईएसएस जैसे संस्थानों की मदद ली जाएगी.
- सीजीएल मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी.
- मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा.
- सभी आर्थिक और न्यायिक जांच की रिपोर्ट 90 दिनों के अंदर सरकार को सौंपने का प्रावधान किया जाएगा.
हालांकि, इन आश्वासनों के बाद भी छात्र सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग से पीछे नहीं हटे हैं.
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लगातार तीसरे दिन हुई मैराथन वार्ता
सरकार और आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच रविवार को लगातार तीसरे दिन बातचीत हुई. वार्ता में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच, जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच और आइसा के प्रतिनिधि शामिल हुए.
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से पीयूष कुमार, रविंद्र, कार्तिक, आनंद, शिवांग, पंकज, राजेश, रविंद्र कुमार रवि और अंकित शामिल हुए. जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच से चंदन कुमार, दीनबंधु मंडल, इकबाल हुसैन, रवि शंकर, प्रेम कुमार और रामा अवतार महतो वार्ता में शामिल रहे.
वहीं, आइसा की ओर से विभा पुष्प दीप, त्रिलोकी नाथ, विजय कुमार, शशिकांत वर्मा और शहीद हुसैन ने हिस्सा लिया.
मंत्री ने कहा- सरकार विद्यार्थियों की मांगों को लेकर संवेदनशील
वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार मामले में पैसे के लेन-देन की आशंका को गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच के लिए ईडी से अनुरोध किया जाएगा. मामले की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए आईआईटी-आईएसएम, आईआईएम रांची और एक्सआईएसएस के विशेषज्ञों की मदद से एसओपी तैयार की जाएगी.
सोनू ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की 98 फीसदी मांगों पर सहमत है. सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत हुई है, इसलिए इसे रद्द नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की मांगों को लेकर संवेदनशील है.
दीपिका पांडेय सिंह ने देवेंद्रनाथ महतो से की बात
वार्ता के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आंदोलनकारी देवेंद्रनाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया.
देवेंद्रनाथ महतो सरकार के साथ वार्ता में शामिल होने नहीं पहुंचे थे. उन्होंने मंत्रियों से बातचीत के दौरान वार्ता का इंतजार करने का आग्रह किया.
आज विधानसभा घेराव, रांची पहुंच रहे छात्र
सरकार के साथ लंबी बातचीत के बावजूद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रद्द नहीं किया है. आंदोलनकारी छात्रों के रांची पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है.
छात्र संगठनों का दावा है कि विधानसभा घेराव में एक लाख से अधिक युवा शामिल होंगे. ऐसे में सोमवार को राजधानी में आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिल सकता है.
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच तीन प्रमुख मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट है. सरकार तीन परीक्षाओं को रद्द करने, टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की जांच, ईडी जांच, न्यायिक कमेटी और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों पर तैयार है. वहीं, छात्र सीजीएल परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई जांच और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
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