Jaipal Singh Munda Stadium: 26 दिनों तक चले छात्रों के आंदोलन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम फिर से आम लोगों के लिए खुल जाएगा. 20 अगस्त को आंदोलन समाप्त होने के बावजूद स्टेडियम में मॉर्निंग वॉकर की वापसी नहीं हो सकी. 25 जुलाई से बंद स्टेडियम अब जिला प्रशासन की ओर से लागू निषेधाज्ञा के कारण भी आम लोगों की पहुंच से बाहर है. प्रशासन ने विधि-व्यवस्था, जन-सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए 60 दिनों के लिए धारा 163 लागू की है, जिसकी अवधि 18 अक्तूबर को पूरी होगी.
इस बीच सुबह सैर करने वाले लोगों को स्टेडियम के बाहर ही रहना पड़ रहा है. प्रशासन का कहना है कि समय सीमा खत्म होने के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
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Jaipal Singh Munda Stadium: 26 दिन का आंदोलन खत्म, लेकिन बंद रहा स्टेडियम
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 25 जुलाई की शाम मोरहाबादी से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शिफ्ट किया गया था. यह आंदोलन 26 दिनों तक चला और 20 अगस्त को समाप्त हो गया. आंदोलन खत्म होने के बाद स्टेडियम खुलने की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन बाद ही जिला प्रशासन ने यहां निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी कर दिया.
मॉर्निंग वॉकर को अब 18 अक्तूबर तक इंतजार
निषेधाज्ञा की अवधि 18 अक्तूबर को पूरी होगी. तब तक आम लोगों और मॉर्निंग वॉकर को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं है. लोगों का कहना है कि खुले मैदान में सैर करने पर रोक नहीं होनी चाहिए. वहीं प्रशासन का कहना है कि निषेधाज्ञा की अवधि समाप्त होने के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
प्रशासन ने बतायी विधि-व्यवस्था की वजह
जिला प्रशासन के आदेश में कहा गया है कि विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभा आयोजित की जा रही है. कई बार इनकी पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं मिलती. ऐसे आयोजनों से विधि-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के साथ यातायात प्रभावित होने की बात आदेश में कही गयी है.
आदेश में यह भी कहा गया है कि शांतिपूर्ण धरना और विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका प्रयोग सार्वजनिक व्यवस्था, जन-सुरक्षा, यातायात और अन्य नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून एवं सक्षम प्राधिकारी के वैध निर्देशों के अधीन होना चाहिए.
धरना-प्रदर्शन के लिए कुटे मैदान का विकल्प
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि विधि-व्यवस्था को देखते हुए नये विधानसभा के पास स्थित कुटे मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए चिन्हित किया गया है. उन्होंने बताया कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में निर्माण कार्य चल रहा है और यहां पहले से निषेधाज्ञा लागू है. इसकी समीक्षा एसडीओ और पुलिस पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी.
एसडीओ ने कहा- निर्माण कार्य के कारण स्टेडियम बंद
एसडीओ कुमार रजत के अनुसार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और उसके आसपास विधि-व्यवस्था, जन-सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गयी है. मॉर्निंग वॉकर के प्रवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए स्टेडियम बंद है.
निषेधाज्ञा की समय सीमा समाप्त होने के बाद आम लोगों और मॉर्निंग वॉकर को प्रवेश मिलेगा या नहीं, इस पर एसडीओ ने कहा कि अवधि खत्म होने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी स्थिति की समीक्षा करेंगे.
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