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Lok Sabha: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला. पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष ने सरकार से तत्काल जवाब की मांग की. लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में अपराह्न 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
पश्चिम एशिया के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हंगामा शुरू कर दिया. इसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.
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दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा. विपक्षी दलों ने ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की.
प्रश्नकाल चला, मंत्रियों ने दिए जवाब
हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने प्रश्नकाल जारी रखा और संबंधित मंत्रियों को सदन में जवाब देने के लिए आमंत्रित किया.
इस दौरान संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री सुरेश गोपी, खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे और सड़क परिवहन से जुड़े प्रश्नों पर मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे.
ओवैसी ने भी उठाया पश्चिम एशिया का मुद्दा
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सदन में पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भारत के आधिकारिक रुख की जानकारी मांगी.
इस पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस विषय पर सदन को जानकारी देने वाले हैं और सदस्यों को उनकी बात सुननी चाहिए. हालांकि, कांग्रेस समेत कई विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी.
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विदेश मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा
हंगामे के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर सरकार का पक्ष सदन के सामने रखा. उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारत की ऊर्जा जरूरतों के साथ-साथ वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए भी सरकार तैयार है.
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर उठाए सवाल
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष खुद स्पष्ट नहीं है कि वह क्या चाहता है. उन्होंने कहा कि पहले लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया, जो अभी लंबित है, और उसके बाद कार्यवाही स्थगन का नोटिस भी दे दिया गया.
‘चर्चा से बच रहा है विपक्ष’
पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने भी विपक्षी सांसदों से सदन में शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है.
लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते अंततः लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. (इनपुट: एजेंसी)
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