Madhubani News : मधुबनी के बाबूबरही प्रखंड स्थित बलिराजगढ़ में ग्रामीण अशोक यादव की मौत के बाद भड़का आक्रोश अब प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया है. मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे जिलाधिकारी आनंद शर्मा के साथ ऐसी घटना हुई कि उनके सुरक्षा गार्डों को तत्काल मोर्चा संभालना पड़ा. मृतक के घर पर बातचीत के दौरान एक महिला ने कथित तौर पर डीएम का कॉलर पकड़ लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया. मौके पर मौजूद एसपी योगेंद्र कुमार के साथ भी आक्रोशित लोगों ने दुर्व्यवहार किया. स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा गार्डों ने दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला.
इसे भी पढ़ें-फरक्का संधि पर संजय झा का बड़ा बयान, बोले- अब आगे समझौता नहीं होना चाहिए
आश्वासन देने के बाद भी नहीं थमा लोगों का गुस्सा
सड़क जाम समाप्त कराने और मृतक के परिजनों से बातचीत करने के लिए डीएम आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार दोपहर में बलिराजगढ़ पहुंचे थे. अधिकारियों ने पहले प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. डीएम ने आरोपित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को उचित सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया. इसके बाद दोनों अधिकारी अशोक यादव के घर पहुंचे.
वहां मृतक की पत्नी अश्मिता देवी से बातचीत के दौरान अचानक एक महिला ने डीएम का कॉलर पकड़ लिया. इसके बाद वहां मौजूद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया. कुछ ही देर में मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए डीएम और एसपी को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला.
500 से अधिक जवानों ने संभाला मोर्चा, आठ एसडीपीओ पहुंचे
अधिकारियों के साथ हुई घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी. बलिराजगढ़ में जिले के विभिन्न इलाकों से पुलिस बल बुलाया गया. जाम स्थल पर बिहार पुलिस और बीएमपी के 500 से अधिक जवानों की तैनाती की गयी है. मधुबनी जिले के सभी सात एसडीपीओ के साथ दरभंगा जिले के कमतौल अनुमंडल के एसडीपीओ भी मौके पर पहुंचे.
एसडीएम चंदन कुमार झा भी अन्य अधिकारियों के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे. प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रही.
इसे भी पढ़ें-भागलपुर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, लाजपत पार्क से शुरू हुई ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
एएसआई की गोली से ग्रामीण की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
गौरतलब है कि बलिराजगढ़ में पुलिस पिकेट पर तैनात एएसआई की गोली से ग्रामीण अशोक यादव की मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और वे सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे. इसी जाम को समाप्त कराने और परिजनों से बातचीत करने प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे थे. लेकिन अधिकारियों के साथ हुई घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया. समाचार लिखे जाने तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए थे.



