LED Street Light: शहर के जिन हिस्सों में लंबे समय से अंधेरा पसरा है, वहां दुर्गापूजा तक रोशनी पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है. नगर निगम की ओर से 5,068 जगहों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए निकाला गया टेंडर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. टेंडर में शामिल करीब 16 कांट्रैक्टरों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
नगर निगम प्रशासन ने संबंधित कांट्रैक्टरों को दस्तावेज सत्यापन के लिए पत्र भेजा है. हालांकि, कुछ कांट्रैक्टरों ने निविदा को लेकर दावा-आपत्ति भी दर्ज कराई है.
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मंगलवार तक दूर होंगी टेंडर पर उठी आपत्तियां
नगर निगम प्रशासन के अनुसार टेंडर को लेकर मिली दावा-आपत्तियों का मंगलवार तक निष्पादन कर लिया जाएगा. इसके बाद कांट्रैक्टरों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा किया जाएगा.
यानी टेंडर की प्रक्रिया में अब दो अहम चरण ही बाकी हैं—दावा-आपत्तियों का निपटारा और डॉक्यूमेंट सत्यापन. इसके बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी.
सबसे कम रेट वाले कांट्रैक्टर को मिलेगा काम
नगर निगम की रोशनी शाखा के प्रभारी जय प्रकाश यादव ने बताया कि डॉक्यूमेंट सत्यापन के बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी. इसमें जिस कांट्रैक्टर की बिड रेट सबसे कम होगी, उसे काम का वर्क ऑर्डर दिया जाएगा.
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू किया जाएगा.
5.21 करोड़ की योजना, पांच जोन में होगा काम
शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.21 करोड़ रुपये की लागत से चौथी बार टेंडर जारी किया है. योजना के तहत 5,068 जगहों पर लाइट लगाई जानी है.
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काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए शहर को पांच जोन में बांटा गया है. चयनित एजेंसी को सभी जगहों पर 90 दिनों के भीतर लाइट लगाने का लक्ष्य दिया गया है.
हर वार्ड में सर्वे के बाद तय होंगे स्थान
चयनित एजेंसी को हर वार्ड में सर्वे करना होगा. इसी सर्वे के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन-किन स्थानों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत है.
सिर्फ लाइट लगाने तक एजेंसी की जिम्मेदारी सीमित नहीं रहेगी. इंस्टॉलेशन के बाद तीन वर्षों तक लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी चयनित एजेंसी की होगी.
पुराने वर्क ऑर्डर रद्द होने से अटकी थी योजना
शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना लंबे समय से अटकी हुई है. प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया में देरी और पुराने वर्क ऑर्डर रद्द होने के कारण कई इलाकों में पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंच सकी.
अब चौथी बार जारी टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने के बाद शहर के अंधेरे हिस्सों में नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगने की उम्मीद बढ़ी है. अगर प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो दुर्गापूजा से पहले या उसके आसपास कई इलाकों में रोशनी का रास्ता साफ हो सकता है.
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