Vikramshila Setu Ferry Service : विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद होने के बाद गंगा के रास्ते लोगों के आवागमन के लिए संचालित फेरी सेवा को बेहतर और सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है. यात्रियों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए फेरी सेवा में जहाजों की संख्या बढ़ाकर 12 करने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में करीब छह जहाजों का परिचालन हो रहा है. इसी व्यवस्था का जायजा लेने के लिए भागलपुर के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने रविवार को बरारी स्थित बियाडा घाट का निरीक्षण किया.
आयुक्त ने घाट पर यात्रियों के आवागमन, जहाजों के परिचालन, बोर्डिंग एवं डिबोर्डिंग पॉइंट, जेटी की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों के सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए.
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Vikramshila Setu Ferry Service : जहाजों का ढलान कम करने और जेटी की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश
जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों के आवागमन के लिए विकसित किए गए तीन बोर्डिंग एवं डिबोर्डिंग पॉइंट की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. जहाजों के निरीक्षण के दौरान उनका स्लोप यानी ढलान अपेक्षाकृत अधिक पाया गया. इसके बाद जहाजों के ढलान को कम करने और यात्रियों के सुरक्षित तरीके से चढ़ने-उतरने के अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
आयुक्त ने जेटी की ऊंचाई बढ़ाने तथा गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए आवश्यक प्रबंध करने पर भी जोर दिया. अधिकारियों को व्यवस्था में ऐसी तैयारी रखने को कहा गया, जिससे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में भी फेरी सेवा का संचालन सुरक्षित और सुचारु बना रहे.
12 घंटे में छह सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
निरीक्षण के दौरान गंगा नदी के जलस्तर की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 घंटों में जलस्तर में करीब छह सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. इसे देखते हुए जलस्तर की लगातार निगरानी करने और परिस्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया.
यात्रियों की आवश्यकता, जलस्तर और परिचालन की स्थिति को देखते हुए फेरी सेवा में जहाजों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में मालवाहक जहाजों के परिचालन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा.
घाट पर नियंत्रण कक्ष, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बियाडा घाट पर अस्थायी नियंत्रण कक्ष, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ये व्यवस्थाएं की गई हैं.
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए जीविका दीदियों के माध्यम से भोजन के लिए रसोई की व्यवस्था की गई है. जरूरतमंद यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं.
जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित आवागमन और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए घाट की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है.
निरीक्षण के दौरान भागलपुर के आईजी विवेक कुमार, जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव तथा आयुक्त के सचिव विनोद कुमार सिंह मौजूद थे.
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