Muzaffarpur Liquor smuggling : मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो दंपती शामिल हैं, जिनमें हरियाणा के रोहतक का एक नवविवाहित जोड़ा भी है. जांच में सामने आया है कि आरोपी परिवार के साथ यात्रा करने का आभास देकर लग्जरी कार के जरिए शराब की खेप बिहार तक पहुंचा रहे थे.
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि एक वाहन के माध्यम से शराब की बड़ी खेप जिले में लाई जा रही है. इसके बाद विशेष टीम ने सरैया थाना क्षेत्र के रेवा रोड स्थित मुक्तिधाम के समीप निगरानी बढ़ा दी. इसी दौरान संदिग्ध कार को रोककर जांच की गई.
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तलाशी के दौरान वाहन में बनाए गए विशेष खानों और डिक्की से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई. अधिकारियों के अनुसार कुल 1642 बोतलें और पैक शराब जब्त की गई हैं, जो हरियाणा में निर्मित बताई जा रही है.
फर्जी नंबर प्लेट का किया गया इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि वाहन पर लगाया गया नंबर वास्तविक नहीं था. आरोपियों ने पहचान छिपाने और जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के उद्देश्य से दूसरे जिले का नंबर प्लेट लगा रखा था. अधिकारियों का मानना है कि तस्करी के दौरान पकड़ से बचने के लिए यह तरीका अपनाया गया था.
चांदनी चौक तक पहुंचानी थी खेप
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्हें मुजफ्फरपुर शहर के चांदनी चौक इलाके तक वाहन पहुंचाना था. वहां से स्थानीय नेटवर्क के लोग खेप की जिम्मेदारी संभालते. पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इससे पहले भी बिहार के अन्य जिलों तक शराब पहुंचाई जा चुकी है.
गिरफ्तार लोगों की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी अजीत, उसकी पत्नी सोनू, दीपक और उसकी पत्नी राखी के रूप में हुई है.
मोतीपुर में भी मिली बड़ी खेप
उधर उत्पाद विभाग ने एक अन्य अभियान के दौरान मोतीपुर क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की. नरियार इलाके में छापेमारी के दौरान पुआल के ढेर में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई. अधिकारियों ने वहां से चंडीगढ़ निर्मित 150 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त की.
इस कार्रवाई में स्थानीय निवासी सुनील सहनी को गिरफ्तार किया गया है. उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है.
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही टीम
उत्पाद विभाग का कहना है कि दोनों मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. बरामद शराब की आपूर्ति श्रृंखला, स्थानीय संपर्कों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकेगा.
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