Bihar Pond Drowning : करम पर्व की सुबह सुलतानगंज के तरैटा बहियार में खुशियों की जगह चीख-पुकार गूंज उठी. पोखर में स्नान करने गए बच्चों में एक मासूम अचानक गहरे पानी में डूबने लगा. उसे बचाने के लिए उसके साथी बिना कुछ सोचे पानी में उतर गए, लेकिन बचाव की यह कोशिश ही छह बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ गई. देखते ही देखते तीन लड़के और तीन लड़कियां गहरे पानी में समा गए. इस दर्दनाक हादसे ने करम पर्व की खुशियों को पूरे इलाके में मातम में बदल दिया.
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बचाव की कोशिश बनी दर्दनाक हादसा
घटना सुलतानगंज थाना क्षेत्र की उधाडीह पंचायत के तरैटा बहियार की है. ग्रामीणों के अनुसार, करमा-धरमा पर्व के मौके पर बच्चे पोखर में स्नान करने पहुंचे थे. इसी दौरान एक बच्चा गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए अन्य बच्चे भी पोखर में उतर गए और सभी डूब गए.
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण दौड़कर पोखर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद सभी छह बच्चों को बाहर निकाला गया और तत्काल सुलतानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.
पांच सुलतानगंज के, एक सबौर की बच्ची
मृतकों में ज्योति कुमारी (पिता धनंजय मंडल, रजंदीपुर सबौर), मीनाक्षी कुमारी (पिता वाल्मीकि मंडल), आयुष कुमार (पिता विनोद मंडल), राहुल कुमार (पिता पूरब मंडल), पूजा कुमारी (पिता पूरन मंडल) और विकास कुमार (पिता रंजन कुमार) शामिल हैं.
इनमें पांच बच्चे नगर परिषद सुलतानगंज के वार्ड 27 स्थित विष्णुटोला के रहने वाले थे, जबकि ज्योति कुमारी सबौर के रजंदीपुर की निवासी थी.
अस्पताल में मचा कोहराम
जब एक-एक कर चिकित्सकों ने छह बच्चों को मृत घोषित किया, तो अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार गूंज उठी. जिन परिवारों में बच्चे करम पर्व मनाकर लौटने वाले थे, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया.
पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजे गए शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. सभी छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया है. प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है.
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