Muzaffarpur Teacher Scam : मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड में सरकारी शिक्षिका के तौर पर काम कर रहीं शिवानी कुमारी के खिलाफ फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के सहारे शिक्षक प्रशिक्षण और सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य रूप से सुनने में सक्षम होने के बावजूद कागजों में उन्हें श्रवण दिव्यांग दर्शाया गया. इसी आधार पर उन्होंने वैशाली के सोरहथा स्थित शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में दाखिला लिया और बाद में तीसरे चरण की शिक्षक बहाली में चयनित होकर सरकारी शिक्षिका बनीं.
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने जब उनके दावे और कॉलेज के रिकॉर्ड की जांच कराई तो वर्ष 2021 के नामांकन से जुड़े दस्तावेज सामने आए. इनमें श्रवण दिव्यांग कोटे का उल्लेख था और आवेदन पत्र पर शिक्षिका के स्वयं के हस्ताक्षर भी दर्ज थे. मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
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शिकायत पर विभाग ने मांगा था स्पष्टीकरण
शिवानी कुमारी सकरा प्रखंड के मुबारक हरि प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित थीं. उनके खिलाफ विभाग को लिखित शिकायत मिली थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर वैशाली के सोरहथा स्थित शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय से कोर्स पूरा किया और आरक्षण का गलत लाभ लेकर सरकारी नौकरी हासिल की.
शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा. जवाब में शिक्षिका ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि वे सामान्य हैं और उन्होंने किसी जाली दस्तावेज का सहारा नहीं लिया.
2021 के रिकॉर्ड में दर्ज था श्रवण दिव्यांग कोटा
शिक्षिका के इनकार के बाद विभाग ने संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय से उनके नामांकन का रिकॉर्ड मंगवाकर जांच कराई. कॉलेज प्रशासन ने मूल आवेदन पत्र, मेधा सूची और संलग्न दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया.
इन दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में शिवानी कुमारी का दाखिला श्रवण दिव्यांग कोटे के तहत हुआ था. खास बात यह थी कि कॉलेज के रिकॉर्ड में मौजूद मूल आवेदन पत्र पर शिक्षिका के स्वयं के हस्ताक्षर भी दर्ज थे.
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निलंबन के साथ विभागीय जांच की तैयारी
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद शिक्षा विभाग ने माना कि वास्तविक हकदार दिव्यांग अभ्यर्थी का हक मारकर जालसाजी के जरिए नौकरी हासिल की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिवानी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
निलंबन के बाद उन्हें सकरा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. विभाग अब उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
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